मुहब्बत शायरी

शायरी – दर्द से काम लिया तो हम बदनाम हुए

हम तो मिलने ही गए थे महबूब के शहर उसके दर पे मिला खाक, बड़ा ताज्जुब है

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दिल गुनाहों से हुआ पाक, बड़ा ताज्जुब है
दो निगाहों से हुआ चाक, बड़ा ताज्जुब है

दर्द से काम लिया तो हम बदनाम हुए
और तुमने भी दिए दाग, बड़ा ताज्जुब है

हम तो मिलने ही गए थे महबूब के शहर
उसके दर पे मिला खाक, बड़ा ताज्जुब है

यूं तो खाते रहे जिंदगीभर धोखे पर धोखा
लेकिन संभला नहीं दिल, बड़ा ताज्जुब है

चाक – टुकड़े

©RajeevSingh

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