जख्मी दिल शायरी

शायरी – यूं तो मिले थे कितनों से लेकिन कोई तुम्हारे जैसा नहीं था

यूं तो मिले थे कितनों से लेकिन कोई तुम्हारे जैसा नहीं था निगाहों को कुछ भी भाता नहीं था जब तक तुझे हमने देखा नहीं था

new prev new next

यूं तो मिले थे कितनों से लेकिन
कोई तुम्हारे जैसा नहीं था
निगाहों को कुछ भी भाता नहीं था
जब तक तुझे हमने देखा नहीं था

गाते हैं हर दम तुझे गुनगुनाकर
मुझे और कुछ करना आया कहां
यही याद रहता है हर पल फकत कि
तुझे कभी भूलकर कभी जिंदा नहीं था

कहीं पे कोई फूल खिलता था
दिल में तेरे दर्द की खुशबू उड़ाकर
कई ख्वाब महके थे सीने में मेरे
तब तक मेरा दिल टूटा नहीं था

नशेमन के तिनके उड़े हैं फिजा में
कहां अब बचा है मेरा आशियां भी
भटकता हूं अब मैं शहर-दर-शहर
पहले तो घर से निकलता नहीं था

©RajeevSingh

Advertisements

One comment

Leave a Reply