शायरी – तेरी यादों के सिवा बचा क्या दिल में, कुछ भी नहीं

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तेरे सिवा दुनिया में है अपना क्या, कुछ भी नहीं
तेरी यादों के सिवा आशियां में क्या, कुछ भी नहीं

मौत आती तो है मेरे दर पे रोज चुपके-चुपके
मगर मिलता है उसे मुझमें अब क्या, कुछ भी नहीं

मुद्दतों-बरसों जिनके खातिर तिल-तिल के मरा
उसने आखिर मेरे दामन में दिया क्या, कुछ भी नहीं

कहने को तो आज सब कुछ मेरे पास है मगर
जो तू ही नहीं तो इसकी कीमत क्या, कुछ भी नहीं

©RajeevSingh #love shayari

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