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शायरी – तेरी यादों के नूर में जला जाता हूं

जलना तो जैसे आशिक की किस्मत है और फितरत भी। इश्क रोशनी है तो तू एक साया है। तेरे साये को मैं अपने संग लिए जाने कहां चला जा रहा हूं, यह मुझे खुद नहीं मालूम। ये तेरी यादे हैं जो दिल जलाती है तो इश्क और भी रोशन हो जाता है और तेरा साया अपने साथ नजर आता है।

मैं बेखबर सा अपनी राह पर चला जा रहा हूंं। मुझे दुनिया की कोई खबर नहीं जबसे मैं तेरी आंखों में खोया हूं। तेरी नजर में डूबकर ही तो वो वजूद मर गया जिसे दुनिया ने बनाया था। अब जो नया वजूद है उसे तेरे इश्क ने तराशा है।

चांद शायरी इमेज
कितनी अंधेरी रातें तेरी याद में कटी
मेरी चांद हो जाओ अब हमपे मेहरबां

रात होती है तो जाने कहां से यह इश्क और जाग जाता है। दिल से रोने की आवाज सी आने लगती है। दिल कहता है कि अभी रात बाकी है तो अभी और रोना है वरना दिनभर तो इन आंसुओं को बस पीना है। दुनिया में जीकर कौन आंसू बहा पाया है। दुनिया आंसू बहाने वालों के आंसू नहीं पोछती इसलिए महफिल में कोई नहीं रोता।

रात होती है रोने के लिए। दिनभर जो आंसू पीए वो रात में बह जाते हैं। बस तेरी  एक तस्वीर मेरे पास रहती है जो ऐसे वक्त में जीने का सहारा है। बार-बार उसे चूमता हूं और तुमको याद करता हूं। यही जुर्म ए इश्क है, यही आशिकी है, यही तेरी बंदगी है जहां आकर दुनिया खत्म हो जाती है, एक नई प्यार की दुनिया शुरू हो जाती है।

तेरी यादों के नूर में जले चले जाता हूं
तेरी परछाई संग अपने लिए जाता हूं

हमें भी इश्क हुआ तेरी नजर में खोकर
आज भी मैं बेखबर सा जीए जाता हूं

अभी तो रात है बाकी, अभी है रोना
वरना दिनभर आंसुओं को पीए जाता हूं

तेरी एक तस्वीर जो हमेशा पास रहती है
बार बार उसे चूमने का जुर्म कीए जाता हूं

©RajeevSingh

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