शायरी – मुझसे मेरे ही खयालों में बात करती हो

love shyari next

हम भी लेते हैं इन चांद-सितारों से सबक
रोशनी हो तो वो दिखती है बड़ी दूर तलक

तेरे जादू से कयामत भी ठहर जाती है
आज भी दिल में रूकी है तेरे गम की कसक

मुझसे मेरे ही खयालों में बात करती हो
बंद रखता हूं तेरे खातिर अपने दोनों पलक

दिल के सागर में तो बस खारे आंसू हैं
मेरी आंखों ने भी देखे हैं तूफां की झलक

©RajeevSingh # प्यार शायरी

Advertisements

10 thoughts on “शायरी – मुझसे मेरे ही खयालों में बात करती हो”

  1. फूल डाली से जुदा हो सकते है,मगर खुशबू से नही। हम आप से जुदा हो सकते है मगर आपके दिल से नही॥

Comments are closed.