heart touching Shayri

शायरी – उस हुस्न के सितम हम कैसे बयां करें

हमें मालूम है अंजामे-इश्क बुरा होगा लेकिन इश्क हो गया तो क्यों इंतहा करें ये दर्द है, इस दर्द पे काबू नहीं होता अब नब्ज चले किसी तरह, ये दुआ करें

prevnext

हमें मालूम है अंजामे-इश्क बुरा होगा
लेकिन इश्क हो गया तो क्यों इंतहा करें

ये दर्द है, इस दर्द पे काबू नहीं होता
अब नब्ज चले किसी तरह, ये दुआ करें

बेखुद सी हुई रातें, ओझल सी हुई दुनिया
अपने ही वजूद में हम खुद को फना करें

इजहार न कर सके जब अपनी जुबां से
उस हुस्न के सितम हम कैसे बयां करें

©RajeevSingh

Advertisements

Leave a Reply