शायरी – दे रहा हूं मैं ये इश्क की इम्तहां अपनी

love shayari hindi shayari

गमजदा रूह से लिखता हूं दास्तां अपनी
दे रहा हूं मैं ये इश्क की इम्तहां अपनी

मेरे सीने से छलकते हैं धड़कनों की सदा
आहटों की इस जुंबिश की है फुगां अपनी

अश्कों की झील में खिले फूल कई उम्मीदों के
वो समझ न सकी दर्द की ये जुबां अपनी

बंद आंखों में अटके रहे शबनम कितने
आईने से ये छुपाती हैं हर बयां अपनी

फुगां- रोना
जुंबिश- कंपन

©RajeevSingh #love shayari

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