शायरी – मयकशी लब पे थी, दर्द आंखों ने पीया

love shayari hindi shayari

गूंज ना पाई मेरी आहें मरते दम तक
कह ना पाई उनसे बातें मरते दम तक

जो तसव्वुर में आया हमनफस बनकर
वो कभी रू-ब-रू न था मरते दम तक

मयकशी लब पे थी, दर्द आंखों ने पीया
प्यास बढ़ती ही गई मेरी मरते दम तक

जख्म ही मर्ज था और गम ही दवा उसकी
ये उदासी ही रहनुमा रही मरते दम तक

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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