शायरी – दीवानगी ऐसी है कि दिन-रात की खबर नहीं

love shayari hindi shayari

जिंदगी के सफर में अब संग कोई रहबर नहीं
माजी के आईने में भी कोई अक्स मयस्सर नहीं

मेरे दर्द की निगाहों का ऐसा हुआ नजरो-करम
इन आंसुओं की बाढ़ में दिखता कोई मंजर नहीं

टूटा हुआ जुनून है, खोया हुआ सुकून है
दीवानगी ऐसी है कि दिन-रात की खबर नहीं

मुद्दतों से तलाश है पर दिल मेरा हताश है
मेरी जिंदगी की राह पे है एक भी पत्थर नहीं

रहबर- राह दिखाने वाला
माजी- अतीत, past life
मयस्सर- उपलब्धि, प्राप्ति
नजरो करम- कृपा

©RajeevSingh #love shayari

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