इश्क क्या है दर्द लव शायरी

शायरी – रात भर रोया फलक आशिक के संग जागकर

शायरी मैं बिना पत्थर के ही आईने से लड़ने गया अपने दुश्मन महबूब से प्यार मैं करने गया इक हसीना चांद लेटी बादलों की सेज पर मैं नदी में डूबकर उस साये को छूने गया

love shayari hindi shayari

मैं बिना पत्थर के ही आईने से लड़ने गया
अपने दुश्मन महबूब से प्यार मैं करने गया

इक हसीना चांद लेटी बादलों की सेज पर
मैं नदी में डूबकर उस साये को छूने गया

रात भर रोया फलक आशिक के संग जागकर
मैं भी दुनिया छोड़कर मातम वहीं करने गया

वो दीया जो जल रहा है मेरे उजड़े आशियां में
मैं उसी की रोशनी में उम्रभर जलने गया

©RajeevSingh #love shayari

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