शायरी – जख़्म कितने भी मिले, फिर भी तुम्हें याद करेंगे

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सारे इल्ज़ाम को मजबूर के ही नाम करेंगे
नाम जब तूने दिया है तो बेवफा ही रहेंगे

कुछ तसव्वुर से लिया, कुछ हकीकत ने दिया
जख़्म कितने भी मिले, फिर भी तुम्हें याद करेंगे

हम सलाखों में जीए जाते हैं अपनों के लिए
उनके एहसानों तले खुद को बर्बाद करेंगे

अपनी गर्दिश में किसी की जरूरत क्या है
दर्दे-दुनिया को सहेंगे, यूं ही तन्हा ही मरेंगे

(तसव्वुर- कल्पना, खयाल)

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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