शायरी – अंजामे-इश्क ये हुआ, हम-तुम हैं जुदा-जुदा

love shyari next

अंजामे-इश्क ये हुआ, हम-तुम हैं जुदा-जुदा
हम भी खो गए दर्द में, तुम भी हो गए गुमशुदा

चार दिन का वस्ल था, हिज्र के हैं सौ बरस
जी रहे हैं किसी तरह, करके हम खुदा-खुदा

इश्क की इस आग में सब कुछ मेरा जल गया
सांसों में बहते धुएं से जिंदगी भर दम घुटा

दर्द के कातिल हाथों में टूटे सपनों का खंजर
रात के काले साये में रूह जख्मी हो चुका

अंजामे-इश्क- प्यार का अंजाम
हिज्र- जुदाई
वस्ल- मिलन

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

One thought on “शायरी – अंजामे-इश्क ये हुआ, हम-तुम हैं जुदा-जुदा”

  1. bahut achi agar urdu shabdo ka hindi meaning bhi sath mei daal do jo ki thide mushkil hote hn smjhne mei toh aur bhi behatar hoga jee dhanyawaad

Comments are closed.