शायरी – दर्द बेजुबां हो तो दिल क्या कहे

love shayari hindi shayari

दर्द बेजुबां हो तो ये दिल क्या कहे
आह खामोश हो तो ये लब क्या कहे

आरजू का हर एक अश्क आंखों में था
उसने देखा नहीं तो पलक क्या कहे

चाहतें मंद हैं बुझती लौ की तरह
रोशनी ही नहीं तो दीपक क्या कहे

कोई नहीं यहां अपना मेहरबां सा कोई
तन्हाई में अब मुझसे शब क्या कहे

©RajeevSingh #love shayari