दर्दे दिल शायरी

शायरी – अश्क भर-भर के रह गए हैं इन आंखों में

अश्क भर-भर के रह गए हैं इन आंखों में तेरी सूरत का कंवल आईने को दिखलाता हुआ मेरी दुनिया तेरी दुनिया से अलग है साकी इश्क का मय ही इस रूह को पिलाता हुआ । शायरी ।

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गम ही खाता हुआ और दर्द को पीता हुआ
जिस्म भी था मगर एक रूह को जीता हुआ

जल रहे शोले की मानिंद दिल की लकड़ी है
आग में जलके भी उस आग को सुलगाता हुआ

अश्क भर-भर के रह गए हैं इन आंखों में
तेरी सूरत का कंवल आईने को दिखलाता हुआ

मेरी दुनिया तेरी दुनिया से अलग है साकी
इश्क का मय ही इस रूह को पिलाता हुआ

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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