राजीव सिंह

शायरी – इन गुलाबों में पलता है खुशबू सा कोई

उड़ रहे सूखे पत्तों को मुसाफिर न कहो आँधियों में इसे उड़कर चले जाना है इन गुलाबों में पलता है खुशबू सा कोई तेरे हाथों में जिसे टूटकर चले जाना है

love shyari next

दर्द दुनिया में सहकर चले जाना है
अपनी किस्मत पे रोकर चले जाना है

खोजते रह गए लेकिन मुहब्बत न मिली
तेरे दर से भी गुजरकर चले जाना है

उड़ रहे सूखे पत्तों को मुसाफिर न कहो
आँधियों में इसे उड़कर चले जाना है

इन गुलाबों में पलता है खुशबू सा कोई
तेरे हाथों में जिसे टूटकर चले जाना है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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