heart touching Shayri

शायरी – जो अपनी मुहब्बत का मैं अंजाम जानता

जो अपनी मुहब्बत का मैं अंजाम जानता तो तुमको मैं खुदा नहीं, इंसान मानता मुझे बेरहम दुनिया में वफा की तलाश थी वरना किसी बेवफा को क्यूं दिलो-जान मानता

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जो अपनी मुहब्बत का मैं अंजाम जानता
तो तुमको मैं खुदा नहीं, इंसान मानता

मुझे बेरहम दुनिया में वफा की तलाश थी
वरना किसी बेवफा को क्यूं दिलो-जान मानता

दुखती है रग तो क्या करूं, कोई दवा नहीं
तू रहती तो ये दुख तेरा अहसान मानता

तू जुदा हुई तो ये हुआ, मेरे साथ तेरा दर्द है
जीवन को मैं गम के बिना बेजान मानता

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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