आंसू शायरी

शायरी – लेकिन किसी की याद में मरना मुझे पड़ा

शायरी इश्क में इस जिंदगी को जीना मुझे पड़ा लेकिन किसी की याद में मरना मुझे पड़ा कैसा मुकाम था जिसे छोड़ गए वो तन्हा अक्सर उसी जगह पे रोज रोना मुझे पड़ा

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इश्क में इस जिंदगी को जीना मुझे पड़ा
लेकिन किसी की याद में मरना मुझे पड़ा

कैसा मुकाम था जिसे छोड़ गए वो तन्हा
अक्सर उसी जगह पे रोज रोना मुझे पड़ा

चलिए अब तो मान लें, आप हैं दुश्मन मेरे
अफसोस है कि यार को ये कहना मुझे पड़ा

अब ये गुमाँ न रहा कि आईना है दिल मेरा
टूटकर पत्थर पे ही जब गिरना मुझे पड़ा

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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