तलाश शायरी

शायरी – वो दूर तलक मेरी निगाहों में बसा है

वो दूर तलक मेरी निगाहों में बसा है तस्वीर है ये जिसकी, वो दिलदार है कहां कोई खबर नहीं है, उसका कोई पता नहीं कैसे मिलेगा मुझको मुसाफिर का आशियां

love shayari hindi shayari

मैं शम्मा बन जलूंगी, वो मजार है कहां
उसके गले लगूंगी, वो बेजार है कहां

मेरे ही तसव्वुर में वो आता है बार-बार
उसकी तलाश में मेरी आंखें हैं परेशां

वो दूर तलक मेरी निगाहों में बसा है
तस्वीर है ये जिसकी, वो दिलदार है कहां

कोई खबर नहीं है, उसका कोई पता नहीं
कैसे मिलेगा मुझको मुसाफिर का आशियां

©RajeevSingh #love shayari

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