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शायरी – उन शाखों पे दिल ने आशियां बनाया

शायरी ना होठ खुलते हैं, ना जाम मिलते हैं इश्क के मयखाने में यही दास्तान मिलते हैं उन शाखों पे दिल ने आशियां बनाया जिनपे तिनकों के न कोई मकाँ मिलते हैं

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ना होठ खुलते हैं, ना जाम मिलते हैं
इश्क के मयखाने में यही दास्तान मिलते हैं

उन शाखों पे दिल ने आशियां बनाया
जिनपे तिनकों के न कोई मकाँ मिलते हैं

मैं चल पड़ा हूं पगडंडियों पे अकेले
जहाँ ये जमीं न आसमान मिलते हैं

इस शहर में दिल का जीना बड़ा मुश्किल
यहाँ जख्म देनेवाले सरेआम मिलते हैं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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