चाहत शायरी

शायरी – कौन सा फूल चुनूँ तेरी बंदगी के लिए

दर्द इतना है जरूरी जिंदगी के लिए नूर जितना है जरूरी निगाहों के लिए तेरे इस हुस्न को देखके ये उलझन थी कौन सा फूल चुनूँ तेरी बंदगी के लिए

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दर्द इतना है जरूरी जिंदगी के लिए
नूर जितना है जरूरी निगाहों के लिए

एक नन्हा सा दीया बारहा जलता रहा
वही जुगनू था मुझे राह दिखाने के लिए

तेरे इस हुस्न को देखके ये उलझन थी
कौन सा फूल चुनूँ तेरी बंदगी के लिए

जब भी दीवाना हुआ पानी इस दरिया में
चाँदनी आई थी कफन ओढ़ाने के लिए

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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