दिल छूने वाली शायरी

शायरी – दिल का हर जख्म मिटाना था, मिटाया न गया

दिल का हर जख्म मिटाना था, मिटाया न गया कोई मरहम जो लगाना था, लगाया न गया मेरे माथे पे तेरे नाम की लकीरें न बनीं फिर कभी भी कोई नाम लिखाया न गया

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दिल का हर जख्म मिटाना था, मिटाया न गया
कोई मरहम जो लगाना था, लगाया न गया

मेरे माथे पे तेरे नाम की लकीरें न बनीं
फिर कभी भी कोई नाम लिखाया न गया

उँगलियाँ काट दूँ अपनी मगर ये हालत है
तुझे छूने की हसरत को भुलाया न गया

मेरी कमजोर जुबाँ ने तुमसे कुछ न कहा
हमसे अपने ही लबों को हिलाया न गया

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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