आशिक शायरी

शायरी – बेरहम याद भी मेरी रातों का सहारा ही बना

शायरी बेरहम याद भी मेरी रातों का सहारा ही बना ये तेरा दर्द भी मेरी आंखों का सितारा ही बना इश्क की बात पे हम अड़ गए जान देने पर फिर भी दिलबर किसी गैर का खिलौना ही बना

love shayari hindi shayari

बेरहम याद भी मेरी रातों का सहारा ही बना
ये तेरा दर्द भी मेरी आंखों का सितारा ही बना

इश्क की बात पे हम अड़ गए जान देने पर
फिर भी दिलबर किसी गैर का खिलौना ही बना

चल रहे थे वहां पे आंधियां फिजाओं में
ये तबाही भी बहारों का तमाशा ही बना

क्या कहूं मैं कि कहने का ये तजरबा है
मेरी हर बात पे दुनिया में फसाना ही बना

©RajeevSingh #love shayari

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