heart touching Shayri

शायरी – रात आती है तेरी याद चली आती है

रात आती है तेरी याद चली आती है किस शहर से तेरी आवाज चली आती है चाँद ने खूब सहा है सूरज की अगन तेरी ये आग मुझसे न सही जाता है

prevnext

रात आती है तेरी याद चली आती है
किस शहर से तेरी आवाज चली आती है

चाँद ने खूब सहा है सूरज की अगन
तेरी ये आग मुझसे न सही जाती है

दिल में उतरी है तेरी दर्द भरी आँखें
मेरी आँखों में वही प्यास जगी जाती है

हमने देखा था खुद को तेरी सूरत में
आईना देखकर अब रात कटी जाती है

©RajeevSingh

Advertisements

14 comments

  1. ye mere dost agar jindgi me koi GAM air to Kanhaiya Dilwala jinda hai aabhi 95513698

  2. अबोलीच्या झाडावर
    अबोलीचा गजरा
    आपण दोघ
    बोलत नसलो
    तरी बोलतात
    आपल्या नजरा

  3. चाँदनी चाद से होती है सितारों से नहीं महौबत एक से होती हैं हजारो से नहीं

Leave a Reply