तन्हा शायरी

शायरी – शराबे-इश्क को पीकर बहक रहा था कोई

शायरी हवा तो सर्द थी लेकिन सुलग रहा था कोई चांदनी रात में तन्हा झलक रहा था कोई हुआ है क्या शहर में उसे खबर ही नहीं शराबे-इश्क को पीकर बहक रहा था कोई

love shayari hindi shayari

हवा तो सर्द थी लेकिन सुलग रहा था कोई
चांदनी रात में तन्हा झलक रहा था कोई

हुआ है क्या शहर में उसे खबर ही नहीं
शराबे-इश्क को पीकर बहक रहा था कोई

मोड़ कितने ही मिले पर कहीं मुड़ा था नहीं
बस एक राह पे चलता सिसक रहा था कोई

किसी से उसका मरासिम रहा होगा शायद
यादों में डूबके आंखों से छलक रहा था कोई

(मरासिम-संबंध)

©RajeevSingh #love shayari

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