महबूबा शायरी

शायरी – सूनी सेज पे रोती रह गई लेकिन तुमको खबर नहीं

हिंदी शायरी सूनी सेज पे रोती रह गई लेकिन तुमको खबर नहीं घिर आए सावन के बादल लेकिन तुमको खबर नहीं फूल की सारी बगिया उजड़ी, माला टूटी, गजरे टूटे कांटों की एक दुनिया बस गई लेकिन तुमको खबर नहीं

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सूनी सेज पे रोती रह गई लेकिन तुमको खबर नहीं
घिर आए सावन के बादल लेकिन तुमको खबर नहीं

फूल की सारी बगिया उजड़ी, माला टूटी, गजरे टूटे
कांटों की एक दुनिया बस गई लेकिन तुमको खबर नहीं

आने की कोई सूरत नहीं है, कितना मैं इंतजार करूं
आस का आईना टूट गया, लेकिन तुमको खबर नहीं

जीवन में अब सांझ-सवेरे, ना सूरज, ना चांद रहा
सारे दीपक बुझ से गए हैं लेकिन तुमको खबर नहीं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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