शायरी – अगर पत्थर के सीने में भी कोई दर्दे-दिल होता

love shyari next

अगर पत्थर के सीने में भी कोई दर्दे-दिल होता
किसी शीशे को ये तोड़े, कभी मुमकिन नहीं होता

मसीहा ने जमाने को सिखाया राह पे चलना
मगर दुनिया में कोई सच्चा मुसाफिर नहीं होता

जिस्म में दर्द ही रूह का अहसास करता है
हर किसी के सीने में ये जख्म का खंजर नहीं होता

दाग ये धुल न जाए, आग ये बुझ ना जाए
इश्क में इनके सिवा और कुछ हासिल नहीं होता

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

4 thoughts on “शायरी – अगर पत्थर के सीने में भी कोई दर्दे-दिल होता”

  1. Kud ko kud ki khabr na lge.pyara koe es kdr na lge.hmne aap ko dekha es njr se jis njr apko njr na lge.

    Like

कमेंट्स यहां लिखें-

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.