दरिया मोहब्बत इमेज शायरी

शायरी – गम की तन्हाई में तेरी याद मेरे चारों तरफ है

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मैं अंधेरे में हूं लेकिन ये सितारों की चमक है
गम की तन्हाई में तेरी याद मेरे चारों तरफ है

नजरअंदाज मैं करता रहा हूं इस जमाने को
मेरी आंखों में बसा एक सुनसान फलक है

तेरे सैलाबे-मुहब्बत का वो दरिया ना रहा
रेत में ताक रही अब मेरी तस्वीरे-पलक है

सांस की डोर से बांधी है ये उम्र तन्हा
भीड़ की राह पे मेरी सांसों का अंदाज अलग है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari