गजल शायरी

शायरी – आंसू भी छलक आए हैं मजबूर की तरह

शायरी आंखों से चमकती हुई एक नूर की तरह आंसू भी छलक आए हैं मजबूर की तरह शब के अंधेरों में कोई शमा यूं जली जुल्फों को सजाती हुई सिंदूर की तरह

love shayari hindi shayari

आंखों से चमकती हुई एक नूर की तरह
आंसू भी छलक आए हैं मजबूर की तरह

शब के अंधेरों में कोई शमा यूं जली
जुल्फों को सजाती हुई सिंदूर की तरह

सावन कहीं से आके बरसेगा जाने कब
दिल दर्द से जलता है तंदूर की तरह

दुनिया तुझे दांतों तले पीसेगी एक दिन
तुम बन चुके हो इश्क में अंगूर की तरह

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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