शायरी – इस हुस्न पे वो जान लुटा देगा अपनी

तेरे हसीन लब पे ये रंग इश्क का

तेरी निगाह में है ये रंग इश्क का

 

फूलों पे उड़ती हुई कमसिन सी तितलियाँ

गुलशन में देखा है ये रंग इश्क का

 

वो चाँद ही आया है यहाँ तेरे रूप में

धरती पे छा गया है ये रंग इश्क का

 

इस हुस्न पे वो जान लुटा देगा अपनी

दीवानों पे चढ़ता है ये रंग इश्क का

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