शायरी – जल रहे दिल पे आँसू को न पड़ने देना

जल रहे दिल पे आँसू को न पड़ने देना

इसे चुपचाप तुम आँखों में ही रहने देना

 

रात रोते ही गुजारो मगर जब भी सोना

ख्वाब को संग बिस्तर पर रहने देना

 

अपनी किस्मत को पत्थर ना समझ ऐ दिल

दर्द का फूल है ये, इसको तू खिलने देना

 

जानता हूँ कि दुख सहना बड़ा मुश्किल है

जिंदगी जैसी हो, तुम खुद को सहने देना

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