गजल शायरी

शायरी – तुम्हें देखना मेरी आदत है लेकिन

शायरी है गम से मरासिम हमारे जिगर का ये सारा असर है तुम्हारी नजर का तुम्हें देखना मेरी आदत है लेकिन रस्ता नहीं मिलता तुम्हारे ही घर का

love shayari hindi shayari

है गम से मरासिम हमारे जिगर का
ये सारा असर है तुम्हारी नजर का

तुम्हें देखना मेरी आदत है लेकिन
रस्ता नहीं मिलता तुम्हारे ही घर का

आशियां ये हमारा जमीं पे गिराया
वो तूफां जो आया था तेरे शहर का

अगर आंख से न बहेगी दरिया
कहां जाएगा फिर सागर लहर का

मरासिम – संबंध

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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