आशिक शायरी

शायरी – तू ही तस्वीर थी और दिल मेरा आईना था

शायरी मैं परिंदों की तरह आस्मा में उड़ता था आठों पहर तेरे खयालों में डूबा रहता था मुझपे इतनी तो सनम इनायत की तुमने मुस्कुराती थी जब तुमको सनम कहता था

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मैं परिंदों की तरह आस्मा में उड़ता था
आठों पहर तेरे खयालों में डूबा रहता था

मुझपे इतनी तो सनम इनायत की तुमने
मुस्कुराती थी जब तुमको सनम कहता था

तू जो खोयी तो ये सारा जहां वीरान हुआ
अब वो जोगी हुआ जो कल तेरा दीवाना था

मैं तो टुकड़ों को जोड़ता हूँ कि तुझे देखूं
तू ही तस्वीर थी और दिल टूटा आईना था

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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