आशिक शायरी

शायरी – वो गजल है जो मिली है कोरे कागज को

शायरी समर्पित है ये मेरा प्यार एक मूरत को भूल न पाऐंगे उस दर्द भरी सूरत को उसकी तस्वीर है मेरी निगाहों में बसी अश्क ही है जलाने के लिए दीपक को

love shayari hindi shayari

समर्पित है ये मेरा प्यार एक मूरत को
भूल न पाऐंगे उस दर्द भरी सूरत को

उसकी तस्वीर है मेरी निगाहों में बसी
अश्क ही है जलाने के लिए दीपक को

ये मेरा दर्द मेरे सीने में दफन ही रहा
यही चाहिए मरने के लिए आशिक को

चाहतें ना मिली मगर बेरुखी ही सही
वो गजल है जो मिली कोरे कागज को

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

Leave a Reply