शायरी – अपनी आंखों में उसे बांध कर भला मैं कैसे रखूं

love shayari hindi shayari

शाम तो रख लिया अब रात को मैं कैसे रखूं
इतने उदास लम्हों को एक दिल में कैसे रखूं

हाथ आए थे चंद अश्क, छिटक के भाग गए
अपनी आंखों में उसे बांध कर भला कैसे रखूं

यादों के बयार संग मेरे दिल तक चले आए हैं
इन गर्द गुबारों को इस जिगर में अब कैसे रखूं

बूंद बनकर जो मेरी आंखों से दर्द बहा ले गया
ऐसे सावन को तेरे तोहफे के लिए मैं कैसे रखूं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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