शायरी – जानती हूं तुझे जाने कितनी सदी से

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ठहर जा ऐ सावन, ठहर जा ऐ बादल
बहने दे निगाहों से थोड़ा तो काजल

छोड़के ओ फरिश्ते तुम जा न सकोगे
जब चिड़िया तुम्हीं से हुई है रे घायल

जानती हूं तुझे जाने कितनी सदी से
जुदाई में भीगा है बरसों से आंचल

अब तू ही बस सहारा है ऐ खुदा मेरे
बिन तेरे लगता है हो जाऊंगी पागल

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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