शायरी – तन्हा ही रहने ही आदत है हमको

love shayari hindi shayari

तन्हा ही रहने की आदत है हमको तो लोगों से मिलके क्या करें
अपनी खबर जब हमको नहीं है तो किसके बारे में क्या कहें

 जब थे चले हम अपने सफर पे कोशिश तो की थी मिलने की सबसे
लेकिन हमें तब तज़रबा हुआ था कि इन बेवफाओं से क्या मिलें

देखा है जबसे नंगी हकीकत कपड़े पहनने कम कर दिए हैं
जरुरत है आखिर में एक कफन की तो जिस्म सजाके क्या करें

फक़ीरों के जैसा ही जीना मुनासिब, दिल की सोहबत में मरना अच्छा
लगता है वाज़िब तन्हा ही जीना तो दुनिया में जाके क्या जीएं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

4 thoughts on “शायरी – तन्हा ही रहने ही आदत है हमको”

Comments are closed.