शायरी – हो जाता है दिल ये हल्का गम के आंसू रोने से

love shayari hindi shayari

चाहे कोई भी मौसम हो, सबको मैं अपनाता हूं
न कोई अपना, न ही पराया, सबको गले लगाता हूं

एक कयामत जब है गुजरती, दूजी कयामत आती है
जीवन के इस सच को भी मैं आठों पहर दुहराता हूं

सबके दिल के रहगुजरों पे कांटे ही देखे हमने
दर्द की कोई बात करे तो अपनी गज़ल सुनाता हूं

हो जाता है दिल ये हल्का गम के आंसू रोने से
लेकिन भारी मन लेकर ही आखिर में रह जाता हूं

©RajeevSingh # love shayari

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