ओ हेनरी की कहानी ‘द लास्ट लीफ’ (पढ़ें हिंदी में)-2

चादर ओढ़े जोन्सी चुपचाप खिड़की की तरफ देखती हुई लेटी थी। सू को लगा कि जोन्सी सोई हुई है इसलिए उसने गुनगुनाना बंद कर दिया। 

 

उसने बोर्ड पर पेन से एक मैगज़ीन स्टोरी की ड्राइंग बनानी शुरू कर दी। यंग आर्टिस्ट्स को कॅरियर बेहतर बनाने के लिए मैगज़ीन स्टोरी के लिए तस्वीरें बनानी होती थी। इसी तरह यंग ऑथर्स को साहित्य जगत में जगह बनाने के लिए मैगज़ीन स्टोरी लिखनी पड़ती थी।

 

सू तस्वीर बना रही थी कि उसे धीमी आवाज़ में कुछ बार-बार सुनाई दिया। वह तुरंत जोन्सी के पास गई। जोन्सी की आँखे खुली हुई थी और वह खिड़की के बाहर कुछ देखते हुए उल्टी गिनती गिन रही थी- बारह, ग्यारह, दस, नौ, आठ, सात…..

 

सू ने जिज्ञासा से खिड़की के बाहर देखा। आखिर जोन्सी क्या गिन रही थी? सामने एक सूना सा यार्ड था और बीस फीट दूर एक खाली सी ईंटों की दीवार। उस दीवार पर एक सूख रही लता दिख रही थी। सर्द हवा इस लता के पत्तों पर प्रहार करके अधिकांश को तोड़ चुकी थी और अब दीवार से चिपकी उसकी सूखी शाखाएँ दिख रही थी।

 

“ये क्या है, डियर?” सू ने पूछा।

 

“छह” जोन्सी ने बुदबुदाते हुए कहा। “अब वे तेजी से गिरते जा रहे हैं। तीन दिन पहले वहाँ सौ पत्ते थे। उसे गिनते-गिनते मेरा सर दर्द करने लगा था। लेकिन अब आसान है। वो देखो एक और गिरा। अब बच गए पाँच।”

 

“पाँच क्या डियर, अपनी सू को बताओ”

 

“उस लता के पत्ते। जब आखिरी पत्ता गिरेगा तो मैं भी दुनिया छोड़ चली जाउँगी। मैं यह पिछले तीन दिनों से जानती हूँ। क्या डॉक्टर ने तुमको नहीं बताया?”

 

“ओह, मैंने ऐसी बकबास पहले कभी नहीं सुनी” सू ने शिकायत के लहज़े में डाँटते हुए कहा। “उस लता के पत्तों का तुम्हारी बीमारी के ठीक होने से क्या रिश्ता है? यू नॉटी गर्ल, तुम इस लता से प्यार करती रही हो। बेवकूफ मत बनो। सुबह ही डॉक्टर ने मुझे तुम्हारे ठीक होने की संभावना के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि तुम्हारे ठीक होने के चांस दस में से एक है। अरे, हमारी जिंदगी को इतना ही चांस तो तब मिलता है जब हम न्यूयार्क में किसी स्ट्रीट कार में बैठते थे या किसी नई इमारत के बगल से गुजरते थे। अब ये सूप पी लो और मुझे ड्रॉइंग बनाने दो ताकि मैं इसे एडिटर को बेच कर तुम्हारे लिए पोर्क और वाइन ला सकूँ।”

 

“तुमको मेरे लिए वाइन लाने की जरूरत नहीं है।” जोन्सी खिड़की की तरफ टकटकी लगाकर देखते हुए बोलती जा रही थी।”एक और पत्ता गिरा। नहीं, मैं सूप भी नहीं पीना चाहती। अब सिर्फ चार पत्ते बचे। मैं अंधेरा होने से पहले आखिरी पत्ते को गिरते देखना चाहती हूँ। उसके बाद मैं भी चली जाउंगी।”

 

“जोन्सी डियर” सू उसकी तरफ थोड़ी झुकती हुई बोली, “क्या तुम अपनी आँखें बंद रखने और खिड़की की तरफ न देखने का वादा करोगी जब तक कि मैं अपना काम खत्म न कर लूँ? मुझे ये ड्रॉइंग्स कल देने हैं। मैं रौशनी चाहती हूँ इसलिए खिड़कियाँ खुली रखी हैं नहीं तो मैं शेड गिरा दूँगी।”

 

“क्या तुम दूसरे कमरे में जाकर अपना काम नहीं कर सकती?” जोन्सी ने सर्द आवाज़ में कहा।

“इससे बेहतर मैं तुम्हारे पास रहना पसंद करूँगी और मैं नहीं चाहती कि तुम उन फालतू पत्तों को देखो।”

 

“जब तुम काम खत्म कर लो तो मुझे कहना” जोन्सी ने यह कहकर आँखे बंद कर ली और गिरी हुई मूर्ति की तरह लेटी रही। “क्योंकि मैं आखिरी पत्ते को गिरते देखना चाहती हूँ। मैं इंतजार करते-करते थक चुकी हूँ। मैं हर चीज को मुक्त करके उसी तरह गिर जाना चाहती हूँ जैसे कि ये थके हुए पत्ते गिर रहे हैं।”

 

“सोने की कोशिश करो” सू बोली, “मैं बेहरमेन को बुला कर लाती हूँ। मुझे उनको बूढ़े खान मज़दूर का मॉडल बनाकर ड्रॉ करना है। मैं तुरंत लौट आऊँगी। जब तक मैं न आऊँ तब तक मत हिलना।”

बूढ़ा बेहरमेन पेंटर था जो उसी मकान के ग्राउंड फ्लोर पर रहता था। साठ साल पार कर चुका यह बूढ़ा आर्ट में अपना मुकाम बनाने में असफल रहा था। चालीस साल से लगातार वह ब्रश चला रहा था। वह एक मास्टरपीस बनाना चाहता था लेकिन अभी तक नहीं बना सका था। कई सालों से वह ज्यादा काम नहीं कर रहा था सिवाय कुछ पैसा कमाने के लिए ऐडवर्टाइजिंग या अन्य कॉमर्शियल पेंटिंग करने के। वह कम पैसे में उन यंग आर्टिस्ट्स के लिए मॉडल भी बनता था जो महंगे प्रफेशनल को नहीं ला सकते थे। वह बहुत शराब पीता था और हमेशा अपनी मास्टरपीस के बारे में बात करता रहता था। वह थोड़ा गुस्सैल स्वभाव का था और अपने ऊपर रह रहे दोनों यंग लेडी आर्टिस्ट्स का ख्याल रखता था।

कहानी अभी जारी है- पहला पेज / दूसरा पेज / अंतिम पेज

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