शायरी – तेरे जाने की अब किससे शिकवा करें

love shayari hindi shayari

घुल गई आग इस चांदनी में कहीं
खो गया दर्द इस रागिनी में कहीं

रो रही थी आज मेरी शाम-ए-गजल
अश्क गिरता रहा मौशिकी में कहीं

दिल के टुकड़ों में जल रहे हैं कई गम
सबकुछ बुझ गया इस रोशनी में कहीं

तेरे जाने की अब किससे शिकवा करें
ये जुबां मर चुकी है आशिकी में कहीं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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