शायरी – मैं न जानूं कि ये किसकी दास्तां है

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न रिश्ता है कोई, न नाता है कोई
मगर मेरे दिल को सताता है कोई

मैं न जानूं कि ये किसकी दास्तां है
जिसे मेरा कहकर लिखाता है कोई

सीने को गम की पायल पहनाकर
मेरी जिंदगी को नचाता है कोई

यही राह दिल तक उसे ले गई है
इसी सांस में आता-जाता है कोई

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari