शायरी – आह और दर्द बस तेरा तलबगार हुआ

love shayari hindi shayari


आह और दर्द बस तेरा तलबगार हुआ
आंख पत्थर हुई, अश्क आबशार हुआ

अमावस में बस जुदाई के सितारे हैं
चांद के बिन फलक भी दागदार हुआ

मेरी पलकों का झपकना बड़ा मुश्किल है
ऐसा तबसे है जबसे तेरा दीदार हुआ

सो रहे हैं इन मकानों के बाशिन्दे सभी
मैं जगा रहके बस्ती का गुनहगार हुआ

आबशार – झरना
फलक – आकाश


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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