जख्मी दिल शायरी

शायरी – ऐ इश्क माफ करना कि मैं रोता नहीं हूं अब

शायरी कच्ची उमर की याद थी, संजोता नहीं हूं अब ऐ इश्क माफ करना कि मैं रोता नहीं हूंअब कहीं हुस्न देख ली तो रास्ते बदल लिए तन्हाई की मंजिल को मैं खोता नहीं हूं अब

love shayari hindi shayari


कच्ची उमर की याद थी, संजोता नहीं हूं अब
इश्क माफ करना कि मैं रोता नहीं हूंअब

कहीं हुस्न देख ली तो रास्ते बदल लिए
तन्हाई की मंजिल को मैं खोता नहीं हूं अब

बुझ गए हैं सारे मुहब्बत के वो सितारे
रात में आसमान को मैं तकता नहीं हूं अब

एक शख्स ने कहा था ‘तुम हो अभी बच्चे’
तबसे किसी से दिल से मिलता नहीं हूं अब


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

Leave a Reply