शायरी – ऐ हुस्न तेरे दर्द में क्या-क्या न किए

love shayari hindi shayari

न बस्ती के रहे, न ही तेरे आशियां के रहे
हुस्न तेरे इश्क में हम अब कहीं के न रहे

कुछ रूह में जलता है, दिल में सुलगता है
बन सके न माहताब तो हम चिराग ही रहे

कितनी तमन्नाएं थीं मेरे ख्वाबों के दामन में
फुरकत के सिवा और कुछ न आखिर में रहे

ऐ रात न छीन मुझसे उनके दर्द के तोहफे
सब कुछ तो खो चुके हैं, चंद आंसू तो रहे

माहताब- चांद
फुरकत- जुदाई

©RajeevSingh # love shayari

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