राजीव सिंह

शायरी – गम कहीं से भी आके दस्तक दे

शायरी चांदनी रात में सावन की फुहारें हैं भीगती रोशनी में झूमती बहारें हैं एक नगमा है और एक तरन्नुम है रोती दरियाओं के ये दो किनारे हैं

love shayari hindi shayari

चांदनी रात में सावन की फुहारें हैं
भीगती रोशनी में झूमती बहारें हैं

एक नगमा है और एक तरन्नुम है
रोती दरियाओं के ये दो किनारे हैं

आस्मा में हो या वो दिल में हो
कई ख्वाबों के जलते हुए नजारे हैं

गम कहीं से भी आके दस्तक दे
हर तरफ से खुल गई किवाड़ें हैं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

Leave a Reply