गम भरे शायरी

शायरी – छुपते हैं बेवफा जब मुस्कुराहटों के पीछे

शायरी अंधेरी तन्हाई में हम तबसे बुझ रहे हैं गैरों के घर में जबसे शम्मे जल रहे हैं छुपते हैं बेवफा जब मुस्कुराहटों के पीछे देखिए किस अदा से दो होठ हिल रहे हैं

love shayari hindi shayari

अंधेरी तन्हाई में हम तबसे बुझ रहे हैं
गैरों के घर में जबसे शम्मे जल रहे हैं

छुपते हैं बेवफा जब मुस्कुराहटों के पीछे
देखिए किस अदा से दो होठ हिल रहे हैं

गिरते हैं ठोकरों से और चोट भी खाते हैं
पथरीले रास्तों पे हम फिर भी चल रहे हैं

कमसिन सी एक पुरवाई बन गई है आंधी
ये किसकी आह है जो मौसम बदल रहे हैं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

Leave a Reply