आवारा शायरी गजल शायरी गम भरे शायरी

शायरी – जब भी तन्हाई में तेरे संग जले

जब भी तन्हाई में तेरे संग जले इस फलक पे जुदाई के शम्मे जले दोनों दरिया दरस को भटकती रही एक समंदर के कितने ही आंसू बहे

love shyari next

जब भी तन्हाई में तेरे संग जले
इस फलक पे जुदाई के शम्मे जले

दोनों दरिया दरस को भटकती रही
एक समंदर के कितने ही आंसू बहे

चांदनी बिछ गई है जमीं पे मगर
बुझ गया चांद मेरी परछाई तले

मेरी आवाज को तुम सुन न सकी
हम निगाहों से सदाएं देते रहे

(फलक- आकाश)

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

Leave a Reply