जख्मी दिल शायरी

शायरी – जब मिल गए तुम राह में तो नजर की ये मजबूरी है

शायरी love shayari hindi shayari मिल गए तुम राह में तो नजर की ये मजबूरी है उठ जाए एक पल के लिए फिर झुकना भी जरूरी है क्या कहूं इस बात पे कि क्यूं उदास हूं इस कदर जब दर्द ना जवाब दे तो लब सीना भी जरूरी है

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जब मिल गए तुम राह में तो नजर की ये मजबूरी है
उठ जाए एक पल के लिए फिर झुकना भी जरूरी है

क्या कहूं इस बात पे कि क्यूं उदास हूं इस कदर
जब दर्द ना जवाब दे तो लब सीना भी जरूरी है

बिस्तर पे चाहे लेटिए या पत्थर पे ही सो जाइए
जब थक ही जाए जिस्म तो सो जाना भी जरूरी है

तुम छोड़के कहां जा रहे, सागर में रखे जाम को
क्यूं कह रहे कि कभी-कभी न पीना भी जरूरी है

सागर – पैमाना, प्याला

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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