शायरी – जाम छलके है दिल से, कहां रखूं इसे

love shayari hindi shayari

कोई इतना भी तन्हा नहीं है तेरे सिवा
कोई जानता नहीं इसकी वजह मेरे सिवा

ओढ़ती हूं मैं तुम्हारे ही खयालों का कफन
पैरहन है भी नहीं पास अब तुम्हारे सिवा

जाम छलके है दिल से, कहां रखूं इसे
कोई पैकर नहीं है दो निगाहों के सिवा

उदास होते हो मेरे नाम पे, क्यूं रोते हो
क्या कोई और नहीं है तेरा मेरे सिवा

पैरहन – कपड़े
पैकर – बर्तन

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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