गम भरे शायरी

शायरी – जिंदगी मेरी मुहब्बत की जुदाई में कटी

शायरी न बुराई में कटी, न भलाई में कटी जिंदगी मेरी मुहब्बत की जुदाई में कटी फासलों से ही आंखों से उनको देखा कीए यूं ही कुछ माह निगाहों की लड़ाई में कटी

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न बुराई में कटी, न भलाई में कटी
जिंदगी मेरी मुहब्बत की जुदाई में कटी

फासलों से ही आंखों से उनको देखा कीए
यूं ही कुछ माह निगाहों की लड़ाई में कटी

हमने गजलों में हुस्नो इश्क के नगमें सुने
मेरी रातें इन्हीं गीतों की पढ़ाई में कटी

उनसे बिछड़ा तो बची रह गई कुछ सांसें
जो मेरी बेकसी के साथ रुलाई में कटी

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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One comment

  1. तेरे प्यार के दिल की गहराई मे छूपाकर दिल वेकारार करेगे चन्द लम्हे हि जरुरी नही सनम उमॆ भर तेरा ईन्तीजार करेगे

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