dilkash shayari

शायरी – जिसके इंतजार में थे हम बरसों से

हमने शम्मा को बुझते हुए देखा है नूर को आशियां में मरते हुए देखा है जलजला दर्द का, बारिश आंसुओं की आग को पानी में बदलते हुए देखा है

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हमने शम्मा को बुझते हुए देखा ह
नूर को आशियां में मरते हुए देखा है

दर्द की चिंगारियां और आंसुओं की बारिश
आग को पानी में बदलते हुए देखा है

जिसके इंतजार में थे हम बरसों से
जिंदगी से उन्हें गुजरते हुए देखा है

सांवली शाम का पीछा करते-करते
उजालों को हाथ मलते हुए देखा है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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